1. सुखासन
यह ध्यान के लिए सबसे सरल आसन है। यह मानसिक स्थिरता और शांति प्रदान करता है, जिससे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और शरीर को आराम मिलता है।
प्राकृतिक संतुलन के साथ जीवन जिएं।
यह ध्यान के लिए सबसे सरल आसन है। यह मानसिक स्थिरता और शांति प्रदान करता है, जिससे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और शरीर को आराम मिलता है।
यह शरीर को ऊपर की ओर खींचता है, जिससे लंबाई बढ़ाने और बॉडी पोस्चर सुधारने में मदद मिलती है। इसे रोजाना सुबह खाली पेट करें।
कमर दर्द दूर करने के लिए भुजंगासन रामबाण है। यह पेट के अंगों को सक्रिय करता है और पाचन शक्ति में काफी सुधार लाता है।
यह शरीर की थकान मिटाता है और मस्तिष्क में रक्त संचार बेहतर करता है। चिंता और तनाव कम करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ आसन है।
एकाग्रता बढ़ाने का सबसे उत्तम तरीका। यह पैरों की मजबूती और मानसिक संतुलन के लिए जाना जाता है। इसे रोज 5-10 मिनट करें।
धनुरासन पेट की चर्बी घटाने के लिए बहुत फायदेमंद है। यह शरीर को लचीला बनाता है और गर्दन व पीठ की जकड़न को तुरंत दूर करता है।
यह आसन विश्राम के लिए है। यह पीठ के निचले हिस्से को आराम देता है और शरीर की सभी थकान को पल भर में दूर कर देता है।
यह आसन शरीर में आत्मविश्वास और साहस भरता है। यह पूरे शरीर को शक्ति देने के साथ-साथ जांघों और पैरों को टोन करता है।
यह शरीर के पार्श्व (sides) को स्ट्रेच करता है। यह पाचन तंत्र के लिए अद्भुत है और कमर के घेरे को कम करने में मदद करता है।
योग का अंतिम और अनिवार्य हिस्सा। यह तनाव को पूरी तरह खत्म करता है और शरीर को पुनर्जीवित (rejuvenate) करता है।
यह एक शुद्धि क्रिया है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों (toxins) को बाहर निकालती है। यह चमकती त्वचा और वजन कम करने के लिए प्रसिद्ध है।
यह नाड़ी शोधन प्राणायाम है। यह श्वसन तंत्र को शुद्ध करता है और मन को गहरी शांति प्रदान करता है। तनाव के लिए सबसे उत्तम है।